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इमरजेंसी फंड: उस पैसे के बारे में, जिसकी जरूरत हमें तब समझ आती है जब अचानक जरूरत पड़ जाती हैसोचिए…सब कुछ ठीक चल रहा है।हर महीने सैलरी आ रही है, SIP चल रही है और घर का खर्च भी आराम से चल रहा है।लेकिन अचानक कुछ हो जाता है।गाड़ी में बड़ा खर्च आ गया।घर में किसी की तबीयत खराब हो गई।बिजनेस में कुछ महीनों के लिए कम कमाई हो गई।या अचानक नौकरी चली गई।उस समय सबसे बड़ा सवाल होता है—“पैसों का इंतजाम कहाँ से होगा?”और अगर आपके पास इमरजेंसी के लिए अलग से पैसा नहीं है, तो आपको अपनी SIP या दूसरी investments को बीच में ही निकालना पड़ सकता है।यहीं पर काम आता है Emergency Fund यानी आपातकालीन फंड।Emergency Fund क्या होता है?Emergency Fund यानी ऐसा पैसा जो हम अचानक आने वाली जरूरतों के लिए अलग रखकर चलते हैं।यह पैसा छुट्टी मनाने के लिए नहीं है।नया मोबाइल खरीदने के लिए नहीं है।नई गाड़ी लेने के लिए भी नहीं है।यह पैसा सिर्फ उन परिस्थितियों के लिए है, जिनकी हमें पहले से उम्मीद नहीं होती।इसे आप अपनी गाड़ी के स्पेयर टायर की तरह समझ सकते हैं।हो सकता है सालों तक इसकी जरूरत न पड़े।लेकिन जिस दिन रास्ते में टायर पंचर होगा, उस दिन आपको समझ आएगा कि स्पेयर टायर कितना जरूरी था।कितना Emergency Fund रखना चाहिए?एक आसान तरीका है—कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर पैसा अलग रखना।मान लीजिए आपके परिवार का जरूरी मासिक खर्च ₹50,000 है।तो:₹50,000 × 6 महीने = ₹3 लाखयानी लगभग ₹3 लाख का Emergency Fund आपको अचानक आने वाली परिस्थितियों में काफी मदद दे सकता है।अगर आपकी income नियमित नहीं है, आप business करते हैं या परिवार में कई लोग आपकी income पर निर्भर हैं, तो Emergency Fund थोड़ा ज्यादा रखना समझदारी हो सकती है।Emergency Fund कहाँ रखें?यहाँ सबसे जरूरी बात है—Emergency Fund का उद्देश्य ज्यादा return कमाना नहीं है।इस पैसे का उद्देश्य है:सुरक्षा + आसानी से उपलब्ध होना + स्थिरताइसलिए Emergency Fund को ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से और जल्दी मिल सके।आप अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार Savings Account, Sweep/FD या उपयुक्त कम जोखिम वाले और आसानी से उपलब्ध investment options पर विचार कर सकते हैं।एक बड़ी गलती जो लोग करते हैंकई लोग कहते हैं—“मेरे पास ₹10 लाख Mutual Fund में लगे हुए हैं, मुझे अलग Emergency Fund की क्या जरूरत है?”लेकिन सोचिए…अगर जिस समय आपको ₹2 लाख की जरूरत पड़े, उसी समय market 20% नीचे हो तो?हो सकता है आपको मजबूरी में अपनी investment नुकसान में बेचनी पड़े।इसलिए Emergency Fund और Long-Term Investment का काम अलग-अलग है।Emergency Fund → आज की परेशानी से बचाता है।Long-Term Investment → कल के लिए wealth बनाने में मदद करता है।अगर अभी Emergency Fund नहीं है तो?कोई बात नहीं।आपको एक साथ ₹3–5 लाख जमा करने की जरूरत नहीं है।छोटी शुरुआत कीजिए।पहले ₹25,000।फिर ₹50,000।फिर एक महीने के खर्च जितना।धीरे-धीरे इसे 3–6 महीने के जरूरी खर्च तक बढ़ाइए।सबसे जरूरी बात है—शुरुआत करना।क्योंकि Emergency कभी पूछकर नहीं आती कि—“क्या आप इसके लिए financially ready हैं?”वह बस आ जाती है।और जब वह आती है, तो Emergency Fund आपकी जिंदगी की मुश्किल परिस्थिति को financial crisis बनने से रोक सकता है।आखिर में एक बातहम बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश करते हैं।Retirement के लिए निवेश करते हैं।घर और भविष्य के लिए निवेश करते हैं।लेकिन उन परिस्थितियों के लिए भी थोड़ा पैसा अलग रखना चाहिए, जिनके बारे में हम पहले से नहीं जानते।क्योंकि Financial Planning सिर्फ पैसा कमाने का नाम नहीं है।Financial Planning का मतलब अपने बनाए हुए पैसे को सही समय पर सही तरीके से बचाना भी है।

